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गाॅंधी युग और जन आन्दोलन (Era of Gandhi and Mass Movement)

600.00 Original price was: ₹600.00.480.00Current price is: ₹480.00.

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डा. राजेश कुमार शर्मा Dr. Rajesh Kumar Sharma

978-93-5857-586-6

236

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Paperback

Nitya Publications

First

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गाॅंधी युग और जन आन्दोलन (Era of Gandhi and Mass Movement)

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प्राक्कथन

 

इसमें कोई सन्देह कदापि नही है कि भारत में अंग्रेजों ने अपनी सत्ता को सुरक्षित और निरन्तर बनाये रखने के लिए अनेक कुटिल नीतियों का समय-समय पर सहारा लिया और इसके लिए अनेक तथ्यहीन और मनगढंत भ्रामक प्रचार कर भारत के स्वाधीनता संघर्ष के इतिहास को आनेवाली पीढ़ीयों के सामने प्रस्तुत किया। भारत के सांस्कृतिक इतिहास को तो अंग्रेजों ने बिल्कुल ही नकार दिया। भारत के स्वाधीनता संघर्ष की कड़ी में अनेक धाराओं का प्रस्फुटन हुआ था जिसमें गाॅंधीवादी राष्ट्रवाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गाॅधी के साथ-साथ अनेक क्रान्तिकारी राष्ट्रवादियों ने वेदों, उपनिषदों और गीता के संदेशों को आत्मसात कर निष्काम कर्मवाद का मार्ग दिखाते हुये देश के अभिमान और गौरव के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। प्रस्तुत पुस्तक स्वाधीनता संघर्ष के विभिन्न आयामों और विचारों पर केन्द्रित है जिसमें मूल रूप से गाॅंधीवादी आन्दोलन और उसकी रूपरेखा का विस्तृत वर्णन किया गया है। यह पुस्तक उत्तर प्रदेश राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में लागू समान पाठ्यक्रम राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के अन्तर्गत बी0ए0 तृतीय वर्ष, सेमेस्टर- टप् पर आधारित है।
नयी शिक्षा नीति- 2020 के पाठ्यक्रम के निर्माण की अवधि में जब हम अपने सहयोगियों के साथ स्नातक स्तर के इतिहास विषय के पाठ्यक्रम पर विचार-विमर्श और विश्लेषण कर रहे थे, उसी दौरान हम सबने यह तय कर लिया था कि भारत के स्वाधीनता संघर्ष के इतिहास को एक नये दृष्टिकोण से देखना और समझना होगा और उसी के अनुरुप हमें एक पुस्तक को आकार देना होगा जिससे विद्यार्थी और आम जनमानस गाॅंधीजी के जन आन्दोलन और क्रान्तिकारी राष्ट्रवादियों के योगदान को समझकर सहज रुप से भारतीय स्वाधीनता संधर्ष के इतिहास को समझ सके।

हमने कोशिश की है कि राष्ट्रीय आन्दोलन और भारतीय स्वतंत्रता संघर्ष के इतिहास का प्रस्तुतीकरण सारगर्भित और सरलीकृत हो और उन नये चैप्टर्स को भी शामिल किया जाय जो अब तक स्नातक स्तरीय पुस्तकों में उपलब्ध नही थे। इतना अवश्य कहेंगे कि इस पुस्तक को हमने एक नये दृष्टिकोण से लिखने का प्रयास किया है जिससे कि स्नातक व स्नातकोत्तर के विद्यार्थी भी लाभान्वित हो और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिल सके। इस पुस्तक में दी गई जानकारी का अध्ययन करके विद्यार्थी और आम जनमानस यह समझ सकेंगे कि कितनी बडी कीमत चुकाकर भारतवासियों ने राष्ट्रवाद का बिगूल फूॅंका और किन-किन विभिन्न चरणों से होकर हमने यह बेशकीमती आजादी हासिल की है। मेरा यह विनम्र निवेदन है कि भारत में राष्ट्रवाद को सिर्फ पढ़ने, लिखने या प्रश्नपत्रों के उत्तर तक ही सीमित न रहने दे। हम आशा करते है कि भारत की युवा पीढ़ी राष्ट्रीय चेतना के परिपेक्ष्य में भारतीय स्वाधीनता संघर्ष और इसके लिए किये गये बलिदान का अवलोकन करते हुये इसका समग्र मूल्यांकन करेगी।

प्रस्तुत पुस्तक हमारे परम आदरणीय गुरू प्रो0 हिमांशु चतुर्वेदी को समर्पित है जो वर्तमान समय में भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद के सदस्य के रूप में कार्यरत है।

इसके अतिरिक्त हम प्रोफेसर निधि चतुर्वेदी के प्रति हृदय से आभार प्रकट करते है जिनकी प्रेरणा और आशीर्वाद से हमने इस लेखन कार्य को पूरा करने का निश्चय किया। हम अपने महाविद्यालय के अपने अन्य सहपाठियों और विद्यार्थियों के प्रति भी आभार प्रकट करते है जिनके सहयोग के बिना यह कार्य पूरा नहीं हो सकता था।

हम नित्या पब्लिकेशन के डा0 जयकरण सिंह तथा उनके सहयोगियों के भी आभारी है, जिन्होने पुस्तक के प्रकाशन में विशेष रुचि ली और एक बेहतर ग्राफिक्स को डिजायन किया। आशा है कि यह पुस्तक विद्यार्थियों के साथ-साथ आम जनमानस के लिए भी उपयोगी साबित होगी। इस पुस्तक को और अधिक ज्ञानवर्द्धक तथा रूचिकर बनाने के लिए हम आपकी समस्त प्रतिक्रियाओं व सुझावों का स्वागत करेंगे।

 

डा. राजेश कुमार शर्मा
प्रोफेसर- इतिहास विभाग
राजकीय महाविद्यालय, रुधौली, बस्ती।

 

DOI : https://doi.org/10.65651/NP.9789358575866 .2025.1-236

 

विषय सूची

 

01 गाॅंधी का आगमन और असहयोग आन्दोलन

Entry of Gandhi and the Non Co-operation Movement.

 

02 भारत में क्रान्तिकारी आन्दोलन का उदय

Rise of Revolutionary Movement in India. (With special reference to HRA, HSRA and trial of Bhagat Singh.)

 

03 भारत से बाहर क्रान्तिकारी आन्दोलन का उदय। (गदर पार्टी के विशेष सन्दर्भ में)

Rise of Revolutionary Movement outside India. (with special reference to Gadar Party.)

 

04 साइमन कमीशन, नेहरू रिपोर्ट और सविनय अवज्ञा आन्दोलन

Simon Commision, Nehru Report and The Civil dis-obedient Movement.

 

05 भारत छोडो आन्दोलन, 1942

The Quit India Movement, 1942.

 

06 सांवैघानिक संकट: क्रिप्स मिशन और कैबिनेट मिशन

Constitutional Crisis : Cripps and Cabinet Mission.

 

07 सुभाष चन्द्र बोस और आजाद हिन्द फौज

Subhash Chandra Bose and the Indian National Army.

 

08 माउण्टवेटन योजना, विभाजन और स्वतंत्रता

Mountbatten Plan, Partition and Independence.