-20%

Social Share

खजुराहो दर्शन रू चन्देलकालीन खजुराहो पर्यटन

120.00 96.00

Name of writers /editors :

ISBN :

No. of Pages :

Size of the book :

Book Format :

Name of Publisher :

Edition :

Rohit Agrawal

978-93-90390-97-7

110

A5

Paperback

Nitya Publications, Bhopal

First

-20%

खजुराहो दर्शन रू चन्देलकालीन खजुराहो पर्यटन

120.00 96.00

Social Share

Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on linkedin
LinkedIn

Description

धार्मिक नगरी मिनी अयोध्या कही जाने वाले मऊरानीपुर तहसील, जिला झाँसी में जन्मे रोहित अग्रवाल का व्यक्तित्व बहुआयामी है। आपने बचपन से ही शिक्षा के क्षेत्र में कुछ नया करने की चाहत रखी और अपनी माता के प्रभाव और प्रेरणा से पर्यटन के क्षेत्र में घूमने ;भारत भ्रमणद्ध का विचार आया। लेखक ने सन् 1989 में मऊरानीपुर तहसील से हाईस्कूल, सन् 1991 में इण्टरमीडिएट और 1994 में बीए की डिग्री प्राप्त करने के बाद जबलपुर से कम्प्यूटर के क्षेत्र में डिप्लोमा किया। सन् 2002 में सामाजिक कार्य करने के लिए आदर्श क्लब का गठन ;रजिस्टर्डद्ध किया और सामाजिक कार्य के साथ बच्चों के प्रोत्साहन हेतु अनेक प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन किया। कम्प्यूटर के क्षेत्र में पढ़ाने के लिए एक निजी सेन्टर भी खोला, जिसमें हजारों छात्रों को एकाउन्ट में प्रशिक्षित किया है। एक बार माताजी ने तीर्थ यात्रा पर ले जाने को कहा, तो मैं उन्हें तीर्थ यात्रा घुमाने ले गया। तीर्थ यात्रा तो कराई, लेकिन तीर्थ स्थल और वहाँ पर पाए जाने वाले पर्यटक स्थलों के बारे में कोई जानकारी न होने के कारण ऐसा लगा कि कहीं न कहीं मैं कुछ देखने से बंचित रह गया, तो उसी समय मन में विचार आया कि क्यों न एक ऐसी पुस्तक तैयार की जाए, जो भविष्य में आने वाले पर्यटकों के लिए यह पुस्तक एक मार्गदर्शन का कार्य कर सके और वह कहीं न कहंी मेरी तरह कुछ महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों को देखने से वंचित न रह जाए। फिर इसके बाद माता जी की प्रेरणा से पर्यटन पर पुस्तक लिखने का मन बना लिया। इस पुस्तक को लिखने में पुत्री का भी विशेष सहयोग रहा है। पर्यटन की इस पुस्तक में लेखक ने इन्टरनेट की कुछ महत्वपूर्ण वेबसाइट जैसे- नेटिव प्लानेट, विकिपीडिया, अल्टटिंप जैसी प्रमुख वेबसाइट्स का सहारा लिया है। साथ में गूगल इमेज से संबंधित चित्र और गूगल मेप से दूरी को लिया है। लेखक का उददेश्य केवल लोगों तक पर्यटन संबंधी जानकारी पंहुचाना है, जिसके लिए लेखक ने स्वयं स्थान पर भ्रमण करके सटीक जानकारी और योग्यतानुसार लोगों के विचार और उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर पुस्तक में लिखा है।

× How can I help you?