-20%

Social Share

बीते हुए अल्फ़ाज़

129.00 103.00

Name of writers /editors :

ISBN :

No. of Pages :

Size of the book :

Book Format :

Name of Publisher :

Edition :

सागर कनकने

978-93-90390-49-6

105

6.5X9

Paperback

Nitya Publications, Bhopal

First

-20%

बीते हुए अल्फ़ाज़

129.00 103.00

Social Share

Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on linkedin
LinkedIn

Description

जिंदगी आसान नही होती इसे बनाना पड़ता है

कुछ “अंदाज” से,और कुछ “नजरअंदाज” से…

“शिक्षक”

जीवन के हर मोड़ पर हम विभिन्न विभिन्न

शिक्षकों से मिलते हैं और उनसे सीखते हैं,

लेकिन इन सब के साथ एक सबसे महत्वपूर्णशिक्षक

और भी है जिसे हम शायद नजरअंदाज करते हैं

वो है हम स्वयं और हमारे द्वारा की गई गलतियाँ

तो आज सबसे पहले हम नमन करे स्वयं कोऔर

प्रण ले कि अपनी हर गलती से हम सीखकर

लगातार जिंदगी में आगे बढ़ते रहेंगे क्योंकि

जीवन मे हमसे अच्छा शिक्षक

हमारे लिए दूसरा हो ही नही सकता…

हमारी आदतें और संस्कार बताते हैं

कि हम दौ कोड़ी के है

या सौ कोड़ी के…

× How can I help you?