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विकास बैंकिंग : परिचय

200.00 160.00

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Book Format :

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Edition :

विजय कुमार नरवाल

978-93-91669-91-1

103

A5

Paperback

Nitya Publications, Bhopal

First

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विकास बैंकिंग : परिचय

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Description

विकास बैंकिंग वर्तमान समय में विकास का पर्याय बन चुका है । वित्त किसी भी अर्थव्यवस्था में रक्त संचार का कार्य करता है और अर्थव्यवस्था को यह रक्त बैंकिंग प्रणाली से प्राप्त होता है अतः भारतीय बैंकिंग व्यवस्था को भलीभांति जानना आवश्यक है। यह पुस्तक विकास बैंकिंग: एक परिचय विद्यार्थियों को विकास बैंकिंग के संबंध में जानकारी प्रदान करती है। यह पुस्तक हिंदी भाषी विद्यार्थियों के लिए लाभदायक सिद्ध होगी । इस पुस्तक को लिखने का प्रमुख उद्देश्य भी यही रहा कि हिंदी भाषी विद्यार्थियों को विकास बैंकिंग से अवगत कराना , जिससे पाठक भारतीय अर्थव्यवस्था में विकास बैंकों की भूमिका को समझ सके तथा विकास बैंकिंग के ज्ञान की को की ओर अग्रसर हो पाए पुस्तक में विकास बैंक का संक्षिप्त परिचय प्रदान किया गया है, जिसमें प्रमुख रूप से वित्तीय संस्थाओं का नियमन, भारतीय औद्योगिक विकास बैंक अधिनियम, पूंजी बाजार, मुद्रा बाजार, भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड, भारतीय औद्योगिक विकास बैंक, भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक आदि का संक्षिप्त परिचय पुस्तक में किया गया है। विकास बैंकिग: परिचय पुस्तक मेरा प्रथम प्रयास हैं जो मेरी लेखन रूचि के लिए मील का पत्थर साबित होगा ।
यह पुस्तक दस अध्यायों में विभाजित है , प्रथम अध्याय में विकास बैंक की परिभाषा व विकास बैंक के कार्य, महत्व आदि का वर्णन किया गया है । द्वितीय अध्याय में बैंक और वित्तीय संस्थाओं के नियमन संबंधी बैंकिंग अधिनियम संशोधन 2003 , बैंकिंग संशोधन अधिनियम 2011 तथा अन्य बैंकिंग से संबंधित अधिनियम की जानकारी दी गई है । तीसरे अध्याय में भारतीय औद्योगिक विकास बैंक अधिनियम संक्षिप्त चर्चा की गई है, इसके पश्चात पूंजी बाजार, मुद्रा बाजार को समझाने का प्रयास किया गया हैं। पुस्तक के आगे के अध्यायों में भारतीय औद्योगिक वित्त निगम,सिडबी ,आईसीआईसीआई आदि बैंकों का संक्षिप्त परिचय आदि दिए गए हैं क्योंकि विकास बैंकिंग अपने आप में एक बड़ा विषय है जिससे संक्षिप्त रूप में किया जाने एक प्रयास भर है । इस पुस्तक के द्वितीय संस्करण में इन्हीं विषयों का सुधार व विस्तृत वर्णन किया जाएगा ।
किसी भी लेखन कार्य के पीछे उत्साहवर्धन बहुत आवश्यक है । इस उत्साहवर्धन या लेखन कार्य में मुझे कई लोगों ने प्रेरित किया विशेषकर इसके लिए मैं अपने परिवार का शुक्रिया अदा करना चाहूंगा जिन्होंने इस पुस्तक को लिखने हेतु मुझे प्रेरित किया तथा हमेशा मेरा उत्साहवर्धन किया।

लेखक

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