जज़्बातों का सफर

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Author  :मधुलिका सिंह “याया”

Edition : 1

Size : 5*8 in

Pages : 68

ISBN: 978-93-91257-24-8

Format : Paper Back

Category:

Description

भावनाओ का मायाजाल जब भी मुझे जकड़ता था में कलम उठाकत अपने भीतर के कोलाहल को शब्दों की सूरत में गड देती थी मेने कभी किसी डायरी या कॉपी में इन्हे संरक्षित नहीं किया था कागज का जो भी पुर्जा मुझे मिला , उस पर लिख देती थी। कई बार मेने अख़बार की नौकरी में मिले प्रशस्ति पत्र के पिछले हिस्सों में भी कविताओं को लिख दिया था । बस कागज के इन पुर्जो को संभाल कर रख देती थी। यह सिलसिला कई वर्षो तक चलता रहा। जिंदगी की आपाधपि में कभी समय ही नहीं मिला की में अपनी रचनाओं पर गौर करू। मेरी कुछ रचनाए विशेष घटनाक्रम से संभंधित होती थी। उन्हें में अख़बार व पत्र पत्रिकाए में भेज देती थी। छपी हुई रचनाओं को देखकर मुझे अपार सुकून मिलता था। में उनकी कटिंग काटकर रख लेती थी।

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