भारत में शिक्षा : अतीत , वर्तमान और भविष्य

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Author :  डााँ.मुमताज़.बी.एम

Published : 01-07-2021

Edition : 1

Size : 5*8 in

Pages : 182

ISBN: 978-93-90178-15-5

Format : Paper Back

 

Category:

Description

शिक्षा के महत्व के बारे में अनशगनत िब्द प्रशतशदन शलखे जाते हैं।
व्यशिगत रूप से, शिक्षा ही एकमात्र मूल्यवान संपशि है शजसे मनुष्य प्राि कर
सकता है ।इसके अलावा , शिक्षा एकमात्र आधार है शजस पर मानव जाशत का
भशवष्य शनभतर करता है। ज्ञान के शलए हमारी खोज एकजुट है और तब तक
जारी रहेगी जब तक ग्रह पृथ्वी मौजूद है।शिक्षा के महत्व को समझाना बहुत
आसान है। कोई भी इंसान शिक्षा के शबना ठीक से जीशवत नहीं रह पा रहा है।
शिक्षा के माध्यम से ही शकसी की क्षमता का अशधकतम उपयोग शकया जा
सकता है। शिक्षा के माध्यम से ही कोई अलग पहचान बना सकता है। शिक्षा
यह भी शसखाता है शक शवशभन्न पररशस्थशतयों में कै से कायत करना है ? यशद
आप शकसी व्यशि पर शिक्षा के प्रभाव का पता लगाना चाहते हैं , तो आप
बेहतर तरीके से शिशक्षत लोगों के तरीकों का गहन अवलोकन करते हैं और
शफर उनकी तुलना एक अनपढ़ आदमी से करते हैं। आपको शिक्षा की स्पष्ट
तस्वीर और इसकी सटीक अवधारणा शमलेगी। शिक्षा उन महत्वपूणत कारकों
में से एक है जो व्यशि के व्यशित्व का शनमातण करते हैं। शिक्षा व्यशि के
जीवन में एक उत्पादक और लाभदायक कारक है। इसे पाना हर शकसी का
अशधकार है। मानव मन का प्रशिक्षण शिक्षा के शबना पूरा नहीं होता है।

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