सुशांत

200

Editors   : अनिल कुमार

Edition : 1

Pager Size : A5                      

No. of Pages : 107

ISBN: 978-93-90390-74-8

Format : Paperback Ebook

Category:

Description

प्रस्तुत किताब में एक एसे अनाथ बालक की कहानी है जिसमे
वह तमाम समस्याओं से झूझते हुए अपनी जींदगी में सफल हो
जाता है। उसकी जींदगी का सफर काफी संघर्ष पूर्ण रहा।
उसकी इस दार्ताँ में कई मुद्दे उजागर हुए और मैने इन 4 पर
अपने दृष्टिकोण से प्रकाश डालने की कोशीश भी की है। इस
किताब मे मैने एक अनाथ बच्चे की तमाम बाँतो का जिक्र किया
है कि एक अनाथ बच्चे की इस समाज मे क्या क्या परेशानियाँ
होती है। ज्यादातर अनाथ बच्चो की जींदगी असफल हो जाया
करती है मिल कहानी का प्रमुख पात्र सुशांत थोड़ा
भाग्यशाली होता है और वह किसी तरह अपने छोटे से
गाँव से निकलकर नस [म्बई तक का सफर तय करने मे
सफल हो जाता है। वह इजनियर बन जाता है। उसको जानने
वाले लोग उसकी सफलता देखकर हतप्रभ हो जाते है। अगर
आप मच के के बारे मे और जानने के लिए उत्सुक है तो इस
किताब ढ़कर आप उसे करीब से जान सकेंगे।

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